जबलपुर। संस्कारधानी में स्वच्छता महोत्सव की धूम चारों ओर देखने को मिली। पूरा शहर दीपोत्सव की तरह रोशनी से जगमगा उठा और रंग-बिरंगी रंगोली तथा सजावट ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं, डॉक्टर्स, छात्र-छात्राओं और समाज के विभिन्न वर्गों ने हाथों में झाड़ू लेकर स्वच्छता का संदेश दिया और शपथ ली कि वे अपने शहर को स्वच्छता में देश में नम्बर वन बनाएंगे।
स्वच्छता महोत्सव की शुरुआत प्रातःकालीन गौरीघाट में मॉं नर्मदा की पूजन-अर्चन और चुनरी अर्पण के साथ हुई। यहां उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। कार्यक्रम में शहर के हर कोने से लोग सम्मिलित हुए। नगर के प्रमुख स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्रों में महोत्सव का आयोजन किया गया। हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 50,000 से अधिक शपथ-पत्र भरे गए।

शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों, दुकानों, होटलों और शोरूमों में इस अवसर पर विशेष छूट दी गई, जिससे नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। 5 से 12 प्रतिशत तक की छूट का लाभ लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस अवसर पर नागरिकों ने खरीदारी कर अपने परिवार के लिए उपहार भी खरीदे। स्वच्छता महोत्सव का उद्देश्य न केवल नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था, बल्कि उन्हें सक्रिय भागीदार बनाना भी था। नगर निगम द्वारा आयोजित इस महोत्सव में जगह-जगह रंगोली, बलून, बैनर और सजावट ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। मेट्रो बसों में सफर करने वाले यात्रियों ने भी स्वच्छता की शपथ ली, जिससे यह अभियान हर स्तर तक पहुंचा।
नगर प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के माध्यम से ‘मिशन स्वच्छ जबलपुर’ को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया। शहर के चारों दिशाओं में आयोजित कार्यक्रमों में हजारों नागरिकों की भागीदारी ने यह साबित किया कि जबलपुरवासी स्वच्छता के लिए एकजुट हैं। इस अवसर पर नगर निगम प्रशासन ने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जन-मानस की जिम्मेदारी है। स्वच्छता महोत्सव के आयोजन ने शहर में नया उत्साह, चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

