जबलपुर । ठाकुरताल, संग्राम सागर और देवताल को जोड़कर बनेगा नया पर्यटन सर्किट ।
देवताल क्षेत्र अब जल्द ही अध्यात्म, ट्रैकिंग और एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस क्षेत्र को खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान तय किया गया कि देवताल क्षेत्र को एक संगठित योजना के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटक यहां की जैव विविधता, प्राकृतिक झरनों, औषधीय पौधों और अध्यात्म का आनंद ले सकें।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देवताल पहाड़ी और शैलपर्ण उद्यान का दौरा किया। यह क्षेत्र तीन तालाबों—महाराजताल, कोलाताल और देवताल—का केंद्र है, जो एक-दूसरे से इंटरकनेक्टेड हैं। साथ ही, यहां पहाड़ियों के बीच कई प्राकृतिक झरने बहते हैं, जो इसे और अधिक आकर्षक बनाते हैं।

देवताल क्षेत्र न केवल प्राकृतिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि इसका आध्यात्मिक महत्व भी है। कहा जाता है कि पूर्वकाल में यह क्षेत्र संत-महात्माओं की साधना स्थली रहा है। निरीक्षण के दौरान यह जानकारी सामने आई कि यहां लगभग 200 दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी और बड़ी संख्या में औषधीय पौधे भी पाए जाते हैं।
इस क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए अब जबलपुर स्थित ठाकुरताल, संग्राम सागर और देवताल को जोड़ते हुए एक पर्यटन सर्किट बनाने की योजना तैयार की जा रही है। संग्राम सागर की स्वच्छता और विकास का कार्य पहले ही हो चुका है, जबकि ठाकुरताल में चिड़ियाघर और रेस्क्यू सेंटर विकसित करने की योजना भी चल रही है। अब देवताल को भी उसी दिशा में विकसित किया जाएगा।

यह परियोजना न केवल जबलपुर के पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त बनाएगी। यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति के सान्निध्य में मानसिक और शारीरिक शांति प्राप्त कर सकेंगे। प्राकृतिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र का विकास किया जाएगा ताकि इसकी जैव विविधता और स्वच्छता बनी रहे।
