DB l गुजरात के भरूच जिले के वागरा तालुका के औद्योगिक क्षेत्र सायखा GIDC में बीती रात एक फार्मा कंपनी में हुए भीषण विस्फोट से पूरा इलाका दहल गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसका असर कई किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया। धमाके के बाद फैली आग ने आसपास की फैक्ट्रियों और शेड्स को भी अपनी चपेट में ले लिया।
इस हादसे में 2 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 2 श्रमिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। करीब 19 घायल श्रमिकों को इलाज के लिए भरूच, वागरा और अंकलेश्वर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आग बुझाने के लिए सायखा और दहेज से दमकल की 8 गाड़ियाँ बुलाई गईं, जिन्हें आग पर काबू पाने में 7 घंटे से ज़्यादा समय लगा। लगातार हो रहे रासायनिक विस्फोटों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं।

घटना के बाद प्रशासनिक अमला, पुलिस, एसडीएम और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक अनुमान है कि हादसा रासायनिक लीकेज या दबाव बढ़ने से हुआ, हालांकि सटीक कारण की जाँच जारी है।
इस विस्फोट की चपेट में करीब 5 से अधिक कंपनियाँ आई हैं। कई फैक्ट्रियों के शेड उड़ गए, खिड़कियाँ टूट गईं और लाखों रुपये का नुकसान हुआ। स्थानीय उद्योगपतियों ने आरोप लगाया कि सायखा GIDC में सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम बात हो चुकी है।
सायखा गाँव के सरपंच जयवीर सिंह राज ने कहा कि कई कंपनियाँ अनुमोदित क्षमता से अधिक उत्पादन कर रही हैं और प्रशासन आंखें मूँदकर बैठा है। उन्होंने मांग की कि सरकार ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके।
फिलहाल इलाके को सील कर दिया गया है और फोरेंसिक टीम द्वारा विस्तृत जांच जारी है।
