DB l दिल्ली के कालकाजी मंदिर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार रात मंदिर में दर्शन के बाद प्रसाद मांगने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। श्रद्धालुओं और मंदिर के सेवादार के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि श्रद्धालुओं के एक समूह ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सेवादार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार घटना 29 अगस्त की रात करीब 9.30 बजे की है। मृतक सेवादार की पहचान योगेन्द्र सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला था। योगेन्द्र पिछले 15 वर्षों से कालकाजी मंदिर में बतौर सेवादार सेवा दे रहा था। बताया जाता है कि कुछ श्रद्धालु प्रसाद और चुन्नी को लेकर उससे उलझ गए। मामूली विवाद ने देखते ही देखते तूल पकड़ लिया और मारपीट में बदल गया।
मारपीट का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें 5–6 लोग योगेन्द्र को बुरी तरह पीटते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि हमलावर लगातार लाठियों से प्रहार कर रहे हैं, जबकि योगेन्द्र बेसुध होकर जमीन पर पड़ा है। राहगीर इस वारदात को सदमे और दहशत में खड़े होकर देखते रहे लेकिन किसी ने बीच-बचाव की हिम्मत नहीं जुटाई।
हमले में योगेन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने एक आरोपी अतुल पांडेय (30 वर्ष) को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
घटना से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में इस तरह की हिंसा बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है। लोगों ने मांग की है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मृतक सेवादार के परिवार को न्याय दिलाया जाए।
इस वारदात ने सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहीं इस तरह की हिंसा ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं मंदिर प्रबंधन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मृतक योगेन्द्र के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
