ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में राहुल गांधी के हालिया बयानों, “हमारे कितने विमान गिरे?” पर भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान पर सवाल उठाया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान को ऑपरेशन से पहले सूचित किया गया था। इस पर भाजपा ने उन्हें पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप लगाया और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाए।
इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान को ऑपरेशन के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी और यह कहना कि ऐसा कोई खुलासा किया गया था, पूरी तरह से असत्य है। मंत्रालय ने इसे तथ्यों की गंभीर गलत प्रस्तुति करार दिया और कहा कि यह पूरी तरह से असत्य है।
राहुल गांधी के आरोपों के बाद, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में पाकिस्तान को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। विदेश मंत्रालय ने इसे तथ्यों की गंभीर गलत प्रस्तुति करार दिया और कहा कि यह पूरी तरह से असत्य है। मंत्रालय ने यह भी आग्रह किया कि सुरक्षा मुद्दों पर जिम्मेदारी के साथ बयान दिए जाएं और राजनीतिक लाभ के लिए इन्हें गलत तरीके से प्रस्तुत न किया जाए।
इससे पहले, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि सरकार ने ऑपरेशन से पहले पाकिस्तान को सूचित किया था, जिससे देश की सुरक्षा रणनीति पर सवाल उठे। उन्होंने इसे “सिंदूर का सौदा” करार दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर निशाना साधा।
भाजपा की प्रतिक्रिया
• अमित मालवीय, भाजपा के आईटी सेल प्रमुख, ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को पाकिस्तान के दृष्टिकोण के समान बताते हुए कहा, “क्या राहुल गांधी ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ के लिए प्रयास कर रहे हैं?”
• शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री, ने कहा, “मोदी का विरोध करना देश का विरोध नहीं होना चाहिए,” और राहुल गांधी की टिप्पणी को “अन्यथा देशविरोधी” करार दिया।
• रवि शंकर प्रसाद, भाजपा सांसद, ने कांग्रेस नेताओं के बयानों को पाकिस्तान में प्रचारित होते हुए देखा और पूछा, “क्या राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे अपने पार्टी नेताओं के बयानों को नियंत्रित नहीं कर सकते?”
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