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श्रमजीवी पत्रकार परिषद का कड़ा रुख: कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन…

DB l जबलपुर में पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में खाकी वर्दीधारी पुलिसकर्मी द्वारा एक वरिष्ठ पत्रकार को खुलेआम धमकी देते और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए देखा गया, जिसके बाद शहर भर में आक्रोश का माहौल बन गया। इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए पत्रकार संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम पर जबलपुर पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपते हुए परिषद के प्रदेश महासचिव श्री विलोक पाठक के खिलाफ कथित रूप से साजिश रचने वाले पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी को डराने का प्रयास है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी की दबंगई साफ दिखाई दे रही है, जिसमें वह वरिष्ठ पत्रकार को “निपटने” की धमकी देता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद श्रमजीवी पत्रकार परिषद सहित कई पत्रकार संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने इसे बेहद गंभीर और निंदनीय करार दिया है।

मामले पर जबलपुर पुलिस अधीक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि वीडियो में नजर आ रहे दोनों पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

इधर, पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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