DB l पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में ‘बाबरी मस्जिद’ की तर्ज पर एक नई मस्जिद की नींव रखे जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि मस्जिद निर्माण का विरोध नहीं है, लेकिन यदि किसी निर्माण का नाम मुगल शासक बाबर के नाम पर रखा जाएगा तो इसका सख्त विरोध किया जाएगा।
यह विवाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा-रेजीनगर क्षेत्र में प्रतीकात्मक शिलान्यास के बाद सामने आया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच इस मस्जिद की नींव रखी गई। कार्यक्रम के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही और पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर को पहले ही पार्टी से बाहर कर दिया था और उन पर सांप्रदायिक राजनीति करने के आरोप लगाए थे।

इस मामले में मौर्य ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाल के राजनीतिक झटकों के बाद विपक्ष भ्रम की स्थिति में है और आगामी चुनावों में उनकी स्थिति कमजोर होगी। यह बयान झांसी में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया, जहां वे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समीक्षा के लिए पहुंचे थे।
इसी बीच तेलंगाना से जुड़ा एक और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में एक प्रमुख सड़क का नाम पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव ‘तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट’ से पहले दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से रखा गया है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास स्थित सड़क को ‘डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू’ नाम देने की योजना है।

साथ ही, सरकार ‘गूगल स्ट्रीट’ और नई ग्रीनफील्ड रोड का नाम उद्योगपति रतन टाटा के नाम पर रखने की भी तैयारी कर रही है। इस कदम पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है और हैदराबाद का नाम बदलकर ‘भाग्यनगर’ करने की मांग की है। दोनों ही मुद्दों पर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
