भारत में इस वर्ष मानसून ने समय से पहले दस्तक दी है। केरल में मानसून की आधिकारिक शुरुआत से आठ दिन पहले ही भारी बारिश हो रही है, जिससे राज्य में रेड अलर्ट जारी किया गया है। यह पिछले 16 वर्षों में पहली बार हुआ है कि मानसून इतनी जल्दी आया है।
मौसम विभाग के अनुसार, केरल में लगातार हो रही मूसलधार बारिश से सड़कों पर जलभराव, यातायात में बाधाएं और दैनिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। प्रशासन ने आपातकालीन तैयारियां तेज कर दी हैं ताकि संभावित प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और भूस्खलन से निपटा जा सके।
दिल्ली में इस समय प्री-मॉनसून गतिविधियाँ सक्रिय हैं।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदल चुका है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हो रही है। तेज हवाओं के साथ हो रही इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की है।
मध्य प्रदेश में 2025 का मानसून सामान्य से पहले दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 27 मई तक मानसून के प्रवेश की संभावना है, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 4 दिन पहले है।
विशेष रूप से बालाघाट, डिंडोरी, सिवनी, मंडला और अनूपपुर जिलों में मानसून की शुरुआत हो सकती है।
इस वर्ष प्रदेश में औसतन 38 से 39 इंच बारिश का अनुमान है, जो सामान्य से 104% से 106% अधिक है। जबलपुर और शाहडोल संभागों में सबसे अधिक बारिश की संभावना है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभागों में भी सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।
मई के अंतिम सप्ताह में इंदौर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियाँ देखी जा रही हैं। इंदौर में 162.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, और 15 जिलों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय की बारिश गेहूं और सरसों की फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि से नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
