0 0
Read Time:2 Minute, 29 Second

भीषण गर्मी का प्रकोप मानव जीवन के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हर साल गर्मी की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है। तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है और कई शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच चुका है। यह केवल असहजता की बात नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संकट बन चुका है। लू चलने से लोगों को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पशु-पक्षी भी तपती धरती पर राहत की तलाश में भटकते हैं।

फिलहाल सामान्य मानसून की तुलना में देरी है; तापमान 42–43 °C तक पहुँच रहा है, जबकि पूर्वी MP में तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून गतिविधियाँ देखी जा रही हैं।
मंगलवार को नाओगांव में रिकॉर्ड 46 °C, वहीं भोपाल में लगातार दूसरे दिन लगभग 43.4 °C दर्ज हुए ।

IMD ने 11 जिलों जैसे Guna, Ashoknagar, Shivpuri, Gwalior, Datia, Bhind, Morena, Panna, Chhatarpur, Tikamgarh, Niwari में हीट वेव चेतावनी जारी की है।

मानसून अब Madhya Pradesh में प्रवेश कर चुका है, विशेष रूप से डिंडोरी, बालाघाट, मंडला, सिवनी जैसे जिलों में इसकी पहली बौछारें देखी गई हैं।
भोपाल, जबलपुर, रीवा, सतना, ग्वालियर में मानसून 12 से 17 जून के बीच धीरे-धीरे सक्रिय होगा। इंदौर, उज्जैन, खरगोन जैसे पश्चिमी जिलों में बारिश 17–20 जून तक पहुंचने की संभावना है।

मानसून पहले चरण में प्री-मानसून दिखा, और अब राज्य के दक्षिण व मध्य भागों में नियमित मानसूनी बारिश शुरू हो रही है।
अगले कुछ दिनों में यह पूर्ण रूप से सक्रिय होकर पूरे मध्य प्रदेश को कवर करेगा, विशेष रूप से जून के मध्य से राज्यव्यापी मानसून का प्रसार निश्चित है — साथ ही औसतसे ऊपर वर्षा का अनुमान लगाया जा रहा है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %