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DB l आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम…

मध्य प्रदेश का संस्कारधानी शहर जबलपुर आज भारत के रक्षा नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना है। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के तत्वाधान में आयोजित ‘इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव 2025’ की शुरुआत व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (VFJ) स्टेडियम में हो चुकी है। यह आयोजन 7 से 9 नवंबर तक चलेगा, जिसमें देशभर की 100 से अधिक रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां, स्टार्टअप्स और सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) भाग ले रहे हैं।

कॉन्क्लेव का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को सशक्त बनाना, वेंडर डेवलपमेंट और मेक इन इंडिया के तहत स्थानीय उद्योगों को रक्षा उत्पादन से जोड़ना है। इस आयोजन का उद्घाटन आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड (AVNL) चेन्नई के सीएमडी संजय द्विवेदी ने किया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि यह मंच सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग का नया अध्याय लिखेगा, जिससे भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ेगा।

द्विवेदी ने बताया कि जबलपुर में टैंक ओवरहालिंग के लिए 450 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसके लिए एक नई यूनिट स्थापित की जाएगी, जो करीब 1,500 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर पर काम करेगी। इस यूनिट से न केवल स्थानीय फैक्ट्रियों को नया काम मिलेगा बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जबलपुर फैक्ट्री के पास अब एक्सपोर्ट के ऑर्डर भी हैं, जिससे यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को प्रदर्शित करेगा।

कॉन्क्लेव में डीआरडीओ, बीईएमएल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, टाटा, महिंद्रा, अशोक लीलैंड, मारुति सुजुकी, इसुजु, टोयोटा, फोर्स मोटर जैसी प्रमुख कंपनियां भाग ले रही हैं। इनके साथ-साथ 55 से अधिक MSMEs अपने नवीनतम नवाचारों, स्वदेशी तकनीकों और कलपुर्जों का प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनी में माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल, एलपीटीए, स्टालियन, शारंग तोप, बुलेटप्रूफ वाहन और दो नए सैन्य वाहनों का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के कार्यकारी निदेशक अनिल राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार रक्षा निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को टैक्स में छूट और भूमि उपलब्ध कराने जैसी कई सुविधाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जबलपुर न केवल रक्षा उपकरणों का निर्माण केंद्र बनेगा, बल्कि रक्षा निर्यात में भारत की मजबूत पहचान के रूप में भी उभरेगा।

सोशल मीडिया पर #JabalpurDefenceConclave और #AatmanirbharBharat जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि यह आयोजन देश की युवा पीढ़ी और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच उत्साह का केंद्र बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कॉन्क्लेव जबलपुर को रक्षा विनिर्माण के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।

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