जबलपुर । खरीफ के मौसम में किसानों को गुणवत्ता युक्त उर्वरकों एवं कीटनाशकों की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा गुरुवार को पाटन विकासखंड अंतर्गत पाँच उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया।
निरीक्षण में बेनीखेड़ा स्थित खुशी ट्रेडर्स एवं मंगल ट्रेडर्स, उड़ना स्थित श्री जगदम्बा कृषि केंद्र व जय माता एग्रो, तथा उड़ना सड़क स्थित श्रीराम फर्टिलाइजर शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान खुशी ट्रेडर्स में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रतिष्ठान की पीओएस मशीन कार्यरत नहीं थी, जबकि मशीन में 23 टन यूरिया दर्ज था, लेकिन भौतिक रूप से यूरिया का कोई स्टॉक नहीं मिला। साथ ही स्टॉक बुक, बिल बुक और लाइसेंस प्रदर्शन फलक भी मौजूद नहीं थे। इन खामियों के चलते विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई।
श्री जगदम्बा कृषि केंद्र में दस्तावेज तो व्यवस्थित पाए गए, लेकिन पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक में अंतर देखा गया। विक्रेता ने सर्वर समस्या का हवाला देते हुए वितरित उर्वरकों की सूची और कृषकों के आधार कार्ड दिखाए। अधिकारियों ने स्टॉक का मिलान कर जवाब के साथ पीओएस पर्ची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जय माता एग्रो के निरीक्षण में एक्सपायरी कीटनाशक दवाइयाँ मिलीं। प्रतिष्ठान द्वारा जोजिल (एमिडाक्लोरोपिड) 150 ग्राम की 12 बोतलों की एक्सपायरी डेट 2024 से बदलकर 2028 कर दी गई थी। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा की गई और एक्सपायरी दवाएं अलग रखने के निर्देश दिए गए। वहीं मंगल ट्रेडर्स एवं श्रीराम फर्टिलाइजर के निरीक्षण में सभी स्टॉक व दस्तावेज पूर्ण और सुव्यवस्थित पाए गए।
निरीक्षण में उर्वरक निरीक्षक और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंकज श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. त्रिपाठी ने किसानों से अपील की कि वे रजिस्टर्ड विक्रेताओं से ही खाद-बीज खरीदें, एक्सपायरी डेट जरूर जांचें और पक्का बिल प्राप्त करें। किसी भी अनियमितता की स्थिति में कृषि विभाग को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
