DB l नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में छात्र आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कनॉट प्लेस (सीपी) और उसके आसपास की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए गुरुवार को सभी दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और रेस्तरां को शाम 6:30 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्णय नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) द्वारा नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के निर्देशों के बाद लिया गया।
एनडीटीए के अध्यक्ष अतुल भार्गव द्वारा जारी एडवाइजरी में सभी व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों से प्रशासन का सहयोग करने तथा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी भी अप्रिय घटना, जनहानि और संपत्ति के नुकसान से बचाव के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, एडवाइजरी में किसी विशेष घटना का उल्लेख नहीं किया गया है।

कनॉट प्लेस के समीप जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। 20 जुलाई को आयोजित “संसद चलो मार्च” के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस और प्रशासन पहले से अधिक सतर्क है। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
इस बीच आंदोलन को लेकर सरकार और छात्र संगठनों के बीच गतिरोध भी बरकरार है। सोनम वांगचुक ने अपने रुख में कुछ नरमी के संकेत देते हुए यह संभावना जताई है कि वे केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तक सीमित न रहकर अन्य शर्तों पर भी बातचीत कर सकते हैं। वहीं CJP (छात्र संगठन) ने सरकार की ओर से आए बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अपनी मुख्य मांगों पर अडिग रहने का ऐलान किया है।
दिल्ली में आंदोलन, सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों के बीच आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
