DB l सागर। नगर निगम के एक सेवानिवृत्त इंजीनियर को उनके दो बेटों की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख 60 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर नगर निगम के एक कर्मचारी, एक उपयंत्री और एक बिचौलिए सहित तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पीड़ित पूरन अहिरवार ने पुलिस को बताया कि उनकी मुलाकात नगर निगम कर्मचारी अहफाज हुसैन और रायगढ़ नगर निगम में पदस्थ उपयंत्री आरिफ हुसैन से हुई थी। दोनों ने भोपाल निवासी मुजीब खान के माध्यम से मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच होने का दावा किया और उनके बेटों योगेश एवं जितेंद्र को नगर निगम में इंजीनियर पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
आरोपियों के झांसे में आकर पूरन अहिरवार ने अपने बेटों के दस्तावेज सौंप दिए और अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराना शुरू कर दिया। 10 दिसंबर 2024 को उन्होंने पहली बार 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद प्रशासनिक खर्च और अधिकारियों को भुगतान के नाम पर 2 लाख, 1 लाख, 2 लाख, 40 हजार, 5 हजार और 15 हजार रुपये भी जमा कराए। इस तरह कुल 10 लाख 60 हजार रुपये आरोपियों के खातों में पहुंच गए।

रकम लेने के बाद आरोपियों ने सोशल मीडिया पर एक फर्जी संदेश भेजकर दावा किया कि दोनों बेटों का चयन हो चुका है और जल्द नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। लेकिन लंबे समय तक नियुक्ति पत्र नहीं मिलने पर पीड़ित को संदेह हुआ। आरोपियों ने लगातार बहाने बनाए और बाद में पैसे लौटाने का वादा भी किया, लेकिन राशि वापस नहीं की।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने बैंक लेनदेन और मोबाइल संदेशों की जांच की। करीब छह माह की जांच के बाद पुलिस ने अहफाज, आरिफ और मुजीब खान के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का मानना है कि यह बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों को निशाना बनाने वाले संगठित ठगी गिरोह का मामला हो सकता है। फिलहाल आरोपियों की तलाश जारी है।
