DB l NEET परीक्षा में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। बिहार की राजधानी पटना में बायोमेट्रिक सिस्टम में सेंध लगाकर असली अभ्यर्थियों की जगह नकली परीक्षार्थियों को बैठाने वाले सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में मध्य प्रदेश के सतना स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का प्रथम वर्ष का छात्र हिमांशु कुमार भी शामिल है, जो कथित रूप से दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था।
जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम को बायपास करते थे। इसके बाद असली अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर उनकी जगह मेधावी छात्रों या MBBS विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठाया जाता था। हिमांशु कुमार भी इसी नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है।

परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक जांच के दौरान संदेह होने पर आरोपी छात्र को पकड़ा गया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए गैंग के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों तक फैला हुआ है। अधिकारियों को आशंका है कि इस रैकेट के माध्यम से कई अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से परीक्षा दिलाने की कोशिश की गई।
NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा करने वाले अभ्यर्थियों की परीक्षा निरस्त कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बायोमेट्रिक सुरक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
