DB l बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 209 सीटें जीत ली हैं और दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी प्रमुख तारिक रहमान दो सीटों ढाका-17 और बोगरा-6 से चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह 14 फरवरी को हो सकता है।
चुनाव आयोग के अनुसार देशभर के करीब 36 हजार मतदान केंद्रों पर 59.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान कुछ इलाकों में झड़पों की खबरें भी आईं, जिनमें कुछ कार्यकर्ता घायल हुए और बीएनपी के एक स्थानीय नेता की मौत हो गई। हालांकि बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने चुनाव को शांतिपूर्ण बताया।

सीटों के आंकड़ों के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें, नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) को 6 सीटें और अन्य दलों व निर्दलीयों को सीमित सफलता मिली है। जमात ने परिणामों की घोषणा प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि एनसीपी ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में पुनर्गणना की मांग की है। तीन सीटों शेरपुर-2, चटगांव-2 और चटगांव-4 के नतीजे कानूनी कारणों से स्थगित कर दिए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चुनाव पर नजर रही। इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट (आईआरआई) के पर्यवेक्षक डेविड ड्रेयर ने मतदान को “फ्री और फेयर” बताया। उन्होंने ढाका में मतदान केंद्रों का दौरा कर कहा कि लोगों में उत्साह और उत्सव जैसा माहौल था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए लोकतांत्रिक और प्रगतिशील बांग्लादेश के समर्थन की बात कही। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी शुभकामनाएं दीं।

विदेशी मीडिया के अनुसार, नई सरकार के सामने भारत और चीन के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी। बीएनपी ने संकेत दिया है कि वह पड़ोसी देशों के साथ “पारस्परिक सम्मान” पर आधारित संबंध चाहती है और किसी एक देश को विशेष प्राथमिकता नहीं देगी।
चुनाव परिणामों के बाद राजधानी ढाका समेत कई शहरों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। बीएनपी ने समर्थकों से विजय रैली न निकालने की अपील की है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। इस प्रचंड जनादेश के साथ तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है।
