राजा रघुवंशी हत्याकांड से पर्दा उठने के साथ ही बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मेघालय में हनीमून पर मर्डर के पीछे की क्या कहानी है और सोनम रघुवंशी यूपी के गाजीपुर से कैसे गिरफ्तार हुई?
मेघालय पुलिस के अनुसार, सोनम रघुवंशी ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उसके एक साथी के साथ मिलकर राजा की हत्या की योजना बनाई थी।
इस मामले में एक स्थानीय गाइड, अल्बर्ट पडे़, की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने 22 मई को राजा और सोनम को देखा था, लेकिन उन्हें मार्गदर्शन देने से मना कर दिया था। अगले दिन उन्होंने दंपति को तीन अन्य व्यक्तियों के साथ देखा और पुलिस को सूचित किया, जिससे मामले की जांच में मदद मिली। लापता सोनम रघुवंशी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक चाय के ढाबे पर मिली है।
अब सवाल यह है कि जिस सोनम को पुलिस शिलॉन्ग में ढूंढ रही थी, वो गाजीपुर कैसे पहुंची, वो भी अकेले, इस पर सोनम ने खुद खुलासा किया है- कि वो खुद से गाजीपुर नहीं पहुंची है, उसे अगवा करने वाले वहां छोड़ गए थे। सूत्रों के मुताबिक सोनम खुद को पीड़ित बता रही है।
उसके साथ तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। इनमें दो मध्य प्रदेश और एक उत्तर प्रदेश का निवासी है. एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। सोनम की गिरफ्तारी गाजीपुर के वाराणसी-गाजीपुर मुख्य मार्ग पर स्थित काशी ढाबे से हुई। पुलिस ने उसे प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा और फिर वन स्टॉप सेंटर में रखा गया।
डीजीपी ने बताया कि राजा की पत्नी सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि रातभर की छापेमारी के बाद तीन अन्य हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया।
सोनम के पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मेरी बेटी निर्दोष है। उसने खुद गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया है। मेघालय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की बात गलत है। मुझे अपनी बेटी पर पूरा भरोसा है, वह ऐसा नहीं कर सकती। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग भी की है।
