DB । बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड में बच्चों में फैले अज्ञात बुखार ने चिंता बढ़ा दी है। बैगा आदिवासी बहुल गांवों में पिछले करीब दो माह के दौरान 8 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 7 बच्चे अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। बीमारी की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। शुरुआती जांच में मलेरिया की आशंका जताई गई थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई।
कुंडेकसा, बोंदारी और कोरका सहित आसपास के बैगा बहुल गांवों में बीमारी का असर अधिक बताया जा रहा है। मंगलवार रात भी एक बच्चे की मौत की जानकारी सामने आई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल 6 बच्चों की मौत की पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार तक 93 बच्चे स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।

मलेरिया की जांच निगेटिव, बीमारी की वजह अब भी सवाल
बच्चों में बुखार और अन्य लक्षण सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया की जांच कराई, लेकिन बीमारी की पुष्टि नहीं हो सकी। स्थिति को देखते हुए राज्य मुख्यालय से विशेषज्ञों की टीम ने भी प्रभावित गांवों का दौरा कर जांच की है। इसके बावजूद बच्चों की बीमारी की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रहा है। कुंडेकसा में अस्थायी अस्पताल भी शुरू किया गया है, जहां तीन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
93 बच्चे स्वस्थ, 7 का अस्पताल में इलाज जारी
सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप के अनुसार बुधवार तक 93 बच्चों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। वहीं 7 बच्चों का अभी अस्पताल में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है और बच्चों की जांच के लिए टीमें तैनात हैं।
बैगा गांवों में बीमारी ने बढ़ाई चिंता
बिरसा क्षेत्र के बैगा आदिवासी बहुल गांवों में बच्चों के लगातार बीमार पड़ने और मौतों की खबर से स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। बच्चों की मौत की वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न स्तरों पर जांच कर रहा है।

कमल नाथ और दिग्विजय ने सीएम को लिखा पत्र
मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर चिंता जताई है। कमल नाथ ने बैगा समाज को संवेदनशील समुदाय बताते हुए बच्चों की बीमारी को गंभीरता से लेने, विशेषज्ञों से चिकित्सकीय जांच कराने और प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
वहीं दिग्विजय सिंह ने गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नागपुर, रायपुर और भोपाल के बड़े अस्पतालों में एयरलिफ्ट कर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।
