DB । नए फायर स्टेशनों से शहर के बाहरी और संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर होगी दमकल की पहुंच, रिस्पांस टाइम घटाने पर निगम का फोकस ।
जबलपुर। शहर में आगजनी की घटनाओं के दौरान दमकल वाहनों के पहुंचने में लगने वाले समय को कम करने के लिए नगर निगम फायर स्टेशनों का नेटवर्क विस्तार कर रहा है। शहर को चार प्रमुख फायर प्वाइंट से कवर करने की योजना पर काम चल रहा है। नए फायर सब स्टेशनों के शुरू होने के बाद बाहरी और संवेदनशील क्षेत्रों में आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल वाहनों को कम दूरी तय करनी होगी। इससे शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पाने और जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
रांझी में 54 लाख से बन रहा फायर स्टेशन
कठौंदा में नया फायर सब स्टेशन लगभग तैयार हो चुका है। वहीं रांझी जलशोधन संयंत्र परिसर में करीब 54 लाख रुपये की लागत से फायर स्टेशन का निर्माण तेजी से जारी है। निगम का उद्देश्य ऐसे स्थानों पर दमकल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जहां वर्तमान फायर स्टेशनों से पहुंचने में अधिक समय लगता है।
फिलहाल नगर निगम का प्रमुख फायर स्टेशन निगम मुख्यालय में संचालित है। इसके अलावा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आइएसबीटी) परिसर में भी दमकल वाहन की व्यवस्था है। शहर के लगातार विस्तार और बढ़ती आबादी के कारण इन केंद्रों से हर क्षेत्र में कम समय में पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

कुंडम और बाहरी क्षेत्रों में भी जल्द पहुंचेगी राहत
वर्तमान व्यवस्था में यदि कुंडम, विजय नगर, पाटन या शहर के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में आग लगती है तो दमकल वाहनों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बड़ी आग की स्थिति में पानी भरने के लिए टैंकरों को बार-बार लौटना भी चुनौती बन जाता है।
रांझी में नया स्टेशन शुरू होने से आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के साथ बाहरी इलाकों को भी फायदा मिलेगा। जरूरत पड़ने पर यहां से कुंडम क्षेत्र तक दमकल सेवा जल्द पहुंचाई जा सकेगी। स्थानीय स्तर पर वाहन उपलब्ध होने से आग पर शुरुआती नियंत्रण की कार्रवाई भी तेजी से शुरू हो सकेगी।
चार फायर प्वाइंट से शहर को कवर करने की तैयारी
नगर निगम ऐसा फायर नेटवर्क तैयार करना चाहता है, जिसमें शहर के अलग-अलग हिस्सों से दमकल वाहनों को घटनास्थल पर भेजा जा सके। इससे किसी एक स्टेशन पर निर्भरता कम होगी और एक साथ अलग-अलग क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं होने पर भी राहत-बचाव क्षमता बढ़ेगी।
कठौंदा में शोधित पानी का इस्तेमाल
कठौंदा फायर सब स्टेशन की खासियत यह होगी कि यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित पानी का इस्तेमाल दमकल वाहनों की धुलाई और अग्निशमन कार्य में किया जा सकेगा। स्टेशन परिसर में जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी कुशाग्र ठाकुर के अनुसार, कठौंदा में फायर सब स्टेशन के साथ अन्य सेवाओं के लिए समग्र स्टेशन तैयार किया गया है, जबकि रांझी में निर्माण जारी है। अग्निशमन सेवा का नेटवर्क बढ़ाने का उद्देश्य घटनास्थल पर समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू कर जान-माल के जोखिम को कम करना है।
