0 0
Read Time:3 Minute, 9 Second

DB l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में इसकी पुष्टि की गई।

जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में छह वर्ष का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा। कुरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे और अगस्त 2024 से मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे।

कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्हें मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रमुख प्रतिनिधि माना जाता था और वे मंत्रिपरिषद के इकलौते ईसाई मंत्री थे।

केरल के कोट्टायम जिले में 20 सितंबर 1960 को जन्मे जॉर्ज कुरियन पेशे से वकील हैं। उन्होंने कानून में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है। वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के समय से ही वे पार्टी से जुड़े रहे हैं। भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के साथ-साथ वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने और पुनर्नियुक्ति नहीं मिलने के कारण उनका इस्तीफा पहले से तय माना जा रहा था। वहीं, अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उनके स्थान पर नए चेहरे को मौका दिए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा केंद्र सरकार के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %