DB l अन्नामलाई के जाने का असर ? बीजेपी ने छोड़ी राज्यसभा सीट, आंध्र में बदला NDA का गणित…
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद दक्षिण भारतीय राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। आंध्र प्रदेश की चार राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर सीट बंटवारे का फॉर्मूला बदल गया है। जिस सीट पर भाजपा अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में थी, अब वह सीट भी सहयोगी दलों के खाते में चली गई है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार पहले तय फार्मूले के तहत मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) को दो सीटें, जन सेना पार्टी को एक सीट और भाजपा को एक सीट मिलने की संभावना थी। लेकिन अब नए समझौते के तहत टीडीपी तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, जबकि एक सीट जन सेना पार्टी के खाते में जाएगी। भाजपा इस चुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी।
इस बदलाव को अन्नामलाई के इस्तीफे से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि भाजपा आंध्र प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट पर अन्नामलाई को भेजने की तैयारी कर रही थी। हालांकि अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने के बाद यह योजना ठंडी पड़ गई और भाजपा ने सीट पर अपना दावा छोड़ दिया।

सूत्रों के मुताबिक 4 जून को अमरावती में हुई एनडीए नेताओं की बैठक में नए सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर सहमति बनी। बैठक में गठबंधन के भीतर समन्वय मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही तिरुपति, अमरावती और विशाखापत्तनम में इस माह के अंत तक तीन बड़ी संयुक्त रैलियां आयोजित करने का फैसला भी लिया गया।
उधर, भाजपा ने आधिकारिक तौर पर के. अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अन्नामलाई अब भाजपा के प्राथमिक सदस्य नहीं रहे हैं। यह घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र में की गई।
बताया जा रहा है कि इस्तीफे से पहले अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष सहित शीर्ष नेताओं से कई दौर की चर्चा की थी। अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में सहयोग की संभावनाएं खुली रखने की बात कही है।
दक्षिण भारत में भाजपा के लिए अहम चेहरा रहे अन्नामलाई के अलग होने और आंध्र प्रदेश में राज्यसभा सीट छोड़ने के फैसले ने पार्टी की रणनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इसका असर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
