DB l पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले राज्य के कई हिस्सों में ‘ड्राई डे’ घोषित किया गया है।

आयोग के मुताबिक, अप्रैल महीने में शराब की बिक्री में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार डिपो से खुदरा दुकानों द्वारा शराब उठाने में अचानक तेजी देखी गई, जिससे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंका जताई गई। इसी को देखते हुए 20 अप्रैल से ही कई जिलों में शराब की दुकानें और बार बंद कर दिए गए हैं। यह प्रतिबंध मतदान और मतगणना के दौरान भी लागू रहेगा।
चुनाव आयोग का कहना है कि यह कदम स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही राज्य में दोपहिया वाहनों पर भी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। मतदान से दो दिन पहले से लेकर मतदान के दिन तक शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बाइक चलाने पर रोक रहेगी। दिन में भी पिलियन राइडिंग (पीछे बैठने) पर प्रतिबंध लगाया गया है, हालांकि मेडिकल इमरजेंसी और पारिवारिक जरूरतों में सीमित छूट दी गई है।
राज्य में पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना है, जिसमें 1,478 प्रत्याशी मैदान में हैं। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
आयोग के इन सख्त कदमों से चुनावी माहौल पर कड़ी निगरानी बनी हुई है, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
