DBl राज्यसभा के मनोनीत सांसद हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना गया है। शुक्रवार को हुए चुनाव में वे निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया और अपना कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया था, जिसके बाद यह पद रिक्त था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि उनका दोबारा चुना जाना सदन के उनके प्रति गहरे विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने हरिवंश के संसदीय अनुभव और संतुलित कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्यसभा की कार्यवाही और अधिक प्रभावी बनी है।

हरिवंश नारायण सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ था। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं और पत्रकारिता में भी डिप्लोमा कर चुके हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने लंबे समय तक पत्रकारिता की और धर्मयुग, रविवार तथा प्रभात खबर जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में कार्य किया। वे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सलाहकार भी रह चुके हैं।
साल 2014 में वे जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से पहली बार राज्यसभा पहुंचे और 2018 में पहली बार उपसभापति बने। 2020 में उन्हें दोबारा इस पद के लिए चुना गया। खास बात यह रही कि 2022 में जेडीयू के एनडीए से अलग होने के बावजूद वे इस पद पर बने रहे।
इस बार भी विपक्ष ने लोकसभा में उपाध्यक्ष पद रिक्त होने का मुद्दा उठाते हुए चुनाव का बहिष्कार किया। इसके बावजूद हरिवंश का निर्विरोध चुना जाना उनकी स्वीकार्यता और अनुभव को दर्शाता है।
