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जबलपुर में बना यह फ्लाईओवर न सिर्फ सफर को आसान बनाता है, बल्कि स्मार्ट सिटी की पहचान भी है, आइए जानते हैं इसकी खासियत…

शहर को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने वाला मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर अब उद्घाटन के लिए तैयार है। 6.855 किलोमीटर लंबे इस एलीवेटेड कॉरिडोर का निर्माण लगभग ₹1,052 करोड़ की लागत से किया गया है। इसका लोकार्पण 23 अगस्त 2025 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। यह फ्लाईओवर मदनमहल चौक से दमोहनाका तक फैला हुआ है और इसे पूरा होने में लगभग 4 साल का समय लगा।

शहर का मुख्य मार्ग दमोहनाका और मदनमहल क्षेत्र है, जहाँ दिनभर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती थी। इस मार्ग पर रेलवे लाइन और भीड़भाड़ वाले इलाकों के कारण नागरिकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था, फ्लाईओवर शुरू होने के बाद इस समस्या से काफी राहत मिलेगी और शहर के पुराने और नए हिस्से आपस में बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे।

यह फ्लाईओवर आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक पर आधारित है। इसमें Extradosed Bridge Model और Pre-stressed Concrete Box Girder Technology का इस्तेमाल हुआ है, जिससे इसकी मजबूती बढ़ी है। निर्माण कार्य में NCC Ltd. और मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) की बड़ी भूमिका रही। फ्लाईओवर का डिजाइन इस तरह किया गया है कि यह न केवल भारी वाहनों का भार झेल सके, बल्कि भविष्य में यातायात बढ़ने पर भी सक्षम रहे।

इस फ्लाईओवर का सबसे कठिन हिस्सा रेलवे लाइन के ऊपर निर्माण था। शहर को दो हिस्सों में बाँटने वाली इस लाइन के कारण इंजीनियरिंग की जटिलताएँ सामने आईं। लेकिन आधुनिक तकनीक और वैल्यू इंजीनियरिंग की मदद से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

लोकार्पण के बाद शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। मदनमहल से दमोहनाका तक सफर अब कुछ ही मिनटों में पूरा होगा। साथ ही आसपास के क्षेत्रों – राइट टाउन, छोटी लाइन, मेडिकल और गोलबाजार – में भीड़भाड़ कम होगी। यह फ्लाईओवर जबलपुर को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगा।

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