आसिम मुनीर की परमाणु धमकी पर आरएसएस नेता राम माधव का पलटवार, कहा– भारत को कोई डरा नहीं सकता
DB । पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के हालिया बयान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता राम माधव ने करारा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी तरह की परमाणु धमकी से डरने वाला देश नहीं है और यदि ऐसी कोई स्थिति आती है तो भारत उसके खिलाफ तगड़ा जवाब देने की पूरी क्षमता रखता है। गौरतलब है कि असीम मुनीर ने अमेरिका दौरे के दौरान भारत को परमाणु हमले की धमकी दी थी। इस पर विदेश मंत्रालय पहले ही सख्त प्रतिक्रिया दे चुका है और अब राम माधव ने भी इस पर अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत न्यूक्लियर ब्लैकमेल से घबराने वाला नहीं है और भारत हर परिस्थिति का डटकर सामना करने में सक्षम है।
उन्होंने अमेरिकी राजनीति और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार्यशैली पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ट्रंप को समझना आसान नहीं है क्योंकि वे लेन-देन की राजनीति में यकीन रखते हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से दोस्ती करने की भी कोशिश की थी, लेकिन इससे कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। उनका मानना है कि ट्रंप केवल सौदों और अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस करते हैं। भारत भी अपने राष्ट्रीय हितों को देखते हुए ट्रंप जैसे नेताओं से निपटने की नीति अपनाता है और हर निर्णय राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लेता है।
उन्होंने भारत-चीन संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2020 में गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्ते जरूर खराब हुए, लेकिन इसके बावजूद भारत और चीन के बीच 140 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है। इसलिए हमें वास्तविकता को समझते हुए अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में जब आरएसएस का जिक्र किया गया तो उस पर भी राम माधव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरएसएस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इससे खुशी की लहर है और संगठन का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि अक्टूबर से आरएसएस अपना 100वां वर्ष शुरू करने जा रहा है और यह संगठन पिछले एक सदी में लगातार मजबूत हुआ है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस राजनीतिक कारणों से हमेशा आरएसएस का विरोध करती आई है। उनके अनुसार कांग्रेस और कुछ अन्य दल संगठन को बदनाम करके राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं, लेकिन आरएसएस केवल उन्हीं का विरोध करता है जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ खड़े होते हैं। अक्सर उठने वाले सवाल पर कि भाजपा और आरएसएस में मतभेद हैं, राम माधव ने साफ कहा कि दोनों एक ही वैचारिक परिवार से जुड़े हैं। भाजपा राजनीति में काम करती है जबकि आरएसएस समाज में काम करता है, इसलिए दोनों में किसी तरह का टकराव नहीं है।
