जबलपुर। अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वाले कालोनाईजरों पर नगर निगम द्वार लगातार कार्यवाही जारी है ।
“तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण की दौड़ में शहरों की सीमाएं टूट रही हैं, लेकिन नियोजन का अभाव और जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के कारण अवैध कॉलोनियों का निर्माण एक गंभीर समस्या बन गया है। बिना किसी वैधानिक मंजूरी के खेतों और खुली ज़मीनों को प्लॉट में बदल देना न केवल शहरी ढांचे को नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि भविष्य में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी की नींव भी रख रहा है।
नगरीय निकाय सीमा में अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वाले कॉलोनाईजरों पर लगातार नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने कड़े निर्देश प्रदान किये थे। कार्रवाई के संबंध में कॉलोनी सेल के प्रभारी सुनील दुबे ने बताया कि त्रिपुरी वार्ड क्रमांक 03 मौजा पुरवा खसरा नं. 774/2 की भूमि पर शास्त्री नगर चौराहे के पास श्रीमती कमला बाई पटैल पति लक्ष्मण रणधीर सिंह द्वारा अवैध कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था, जिसे नगर निगम के कॉलोनी सेल द्वारा आज ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव के निर्देश पर अवैध कॉलोनी निर्माण करने वालों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था, परन्तु उनके द्वारा कोई जबाव प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके कारण उक्त भूमि के अवैध विकास कार्य को ध्वस्त कर दिया गया। कार्यवाही के समय कॉलोनी सेल के उपयंत्री मनोज तिवारी, समयपाल नीतेश जैन, मुकुल तिवारी, अतिक्रमण शाखा दल प्रभारी चन्ना कोरी एवं बृजकिशोर तिवारी आदि उपस्थित रहे।
इन कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों को पानी, बिजली, सड़क, ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं। वहीं दूसरी ओर, भ्रष्टाचार और सस्ती ज़मीन की चाह में बिचौलिए भोले-भाले नागरिकों को फँसाते हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि एक असमान और असंतुलित शहर का निर्माण भी करता है।
