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DB ।जबलपुर/पाटन। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कृषि विभाग की टीम ने पाटन विकासखंड के ग्राम नुनसर स्थित शौर्य कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने केंद्र की व्यवस्थाओं, दस्तावेजों और उर्वरक कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। निरीक्षण में सामने आया कि शौर्य कृषि केंद्र द्वारा पिछले करीब पांच वर्षों से उर्वरक का कोई व्यापार नहीं किया जा रहा था। इसके बावजूद केंद्र पर कृषि उपयोग से संबंधित सामग्री की बिक्री में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि केंद्र संचालक द्वारा बिना निर्धारित फॉर्म एवं अनुमति के जिंक का व्यापार किया जा रहा था। इसके अलावा केंद्र में स्टॉक बुक का विधिवत संधारण नहीं पाया गया। बिल बुक भी निर्धारित प्रोफार्मा के अनुसार संधारित नहीं थी। विभागीय अधिकारियों ने इन सभी कमियों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

औचक निरीक्षण दल में उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे, परियोजना संचालक आत्मा डॉ. इंदिरा त्रिपाठी, उर्वरक निरीक्षक पाटन पंकज श्रीवास्तव तथा प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सीमा राउत शामिल रहे।
निरीक्षण के बाद उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने मौके पर ही उर्वरक निरीक्षक पाटन को शौर्य कृषि केंद्र, नुनसर का उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि किसानों को उर्वरक एवं कृषि सामग्री उपलब्ध कराने वाले केंद्रों पर नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। विभाग ने रिकॉर्ड संधारण, लाइसेंस की वैधता और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर सख्ती का संकेत दिया है।
