DB l 16 से 18 वर्ष के पीड़ित और 19 से 22 वर्ष के आरोपियों वाले मामलों की संख्या अधिक, जागरूकता बढ़ाने पर कोर्ट का जोर।
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की तीनों पीठों में पॉक्सो एक्ट से संबंधित 14,531 आपराधिक अपीलें लंबित होने पर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की युगलपीठ ने पॉक्सो कानून के प्रावधानों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
कोर्ट के समक्ष रखी जानकारी के अनुसार, लंबित मामलों में अधिकांश पीड़ितों की उम्र 16 से 18 वर्ष तथा आरोपियों की उम्र 19 से 22 वर्ष के बीच बताई गई है। अदालत ने कहा कि कई मामलों में कम उम्र के आरोपी भी पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोपों के चलते जेल में हैं।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि पॉक्सो और किशोर न्याय कानून को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद मामलों की संख्या में कमी नहीं आने को देखते हुए कोर्ट ने कानून के प्रावधानों के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई।
युगलपीठ ने हाईकोर्ट की कमेटी नंबर 30 को पॉक्सो एक्ट के क्रियान्वयन और मामलों की प्रगति की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। कमेटी समयबद्ध निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे सकेगी।
अदालत ने यह भी कहा कि लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के साथ नए मामलों को रोकने के लिए कानून की जानकारी और जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। मामले में अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता को न्यायालय मित्र नियुक्त किया गया है।
