file photo
DB l जबलपुर। शहर में गिरते भू-जल स्तर और भविष्य में पानी की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए जल संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर पहल की जा रही है। वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजने के उद्देश्य से शासकीय भवनों, कार्यालयों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। इसके जरिए बारिश के दौरान छतों से बहने वाले पानी को सीधे भू-जल पुनर्भरण के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

इस अभियान के तहत कलेक्ट्रेट, नगर निगम, जिला अस्पताल सहित विभिन्न प्रशासनिक परिसरों में रिचार्ज पिट और स्टोरेज टैंक तैयार किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बारिश के पानी को व्यर्थ बहने से रोककर जमीन के भीतर पहुंचाना है, ताकि भू-जल स्तर को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सके।
नगर निगम और प्रशासन की ओर से आवासीय सोसायटियों, निजी संस्थानों और नागरिकों को भी वर्षा जल संचयन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। लोगों को हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही इसे व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
तालाबों के संरक्षण से मजबूत होगी जल व्यवस्था

जबलपुर के पारंपरिक जलस्रोतों और प्राचीन तालाबों के संरक्षण तथा जीर्णोद्धार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। तालाबों की सफाई, जलधारण क्षमता बढ़ाने और उनके आसपास के क्षेत्रों को व्यवस्थित करने से वर्षा जल को सहेजने में मदद मिलेगी।
वहीं, शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चौराहों के सौंदर्यीकरण, ड्रेनेज सिस्टम के सुधार और सड़क विकास पर भी काम किया जा रहा है। बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था से बारिश के पानी की निकासी व्यवस्थित करने के साथ जलभराव की समस्या को कम करने का प्रयास है।
वॉटर हार्वेस्टिंग, तालाब संरक्षण, बेहतर ड्रेनेज और हरियाली—इन सभी प्रयासों को एक साथ जोड़कर जबलपुर को जल-सुरक्षित और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर शहर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
