जबलपुर । जिले में किसान विपणन सहकारी समिति द्वारा फर्जी सदस्यता दर्शाकर पंजीयन कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि समिति ने ऐसे किसानों के नाम दर्ज किए, जो या तो उस क्षेत्र में मौजूद ही नहीं हैं या कृषि कार्य से कोई संबंध नहीं रखते। इस गड़बड़ी के कारण सहकारी प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। किसानों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर दंड की मांग की है।
फर्जी सदस्यता दिखाकर पंजीयन कराने तथा सदस्यता शुल्क जमा करने में की गई अनियमितताओं के आरोप में सयुंक्त पंजीयक सहकारी संस्थायें जबलपुर संभाग ने किसान विपणन सहकारी समिति मर्यादित बड़वारा जिला कटनी के प्रवर्तक सदस्यों तथा सभी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि दुर्व्यपदेशन (मिस-रिप्रेजेंटेशन) के आधार पर पंजीकृत कराई गई इस संस्था का क्यों न पंजीयन समाप्त कर दिया जाये तथा मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के प्रावधानों के तहत शासकीय समानुदेशिती नियुक्त कर दिया जाये।
नोटिस में समिति के प्रवर्तक एवं सदस्य चाहे तो अपना पक्ष समर्थन लिखित में संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थायें, जबलपुर के समक्ष उपस्थित होकर अथवा कार्यालयीन समय पर सयुंक्त रूप से या पृथक-पृथक प्रस्तुत कर सकते हैं। तय समयावधि में किसी भी प्रकार का पक्ष समर्थन प्राप्त न होने की स्थिति में यह मानते हुये कि नोटिस में अधिरोपित आरोप समिति को स्वीकार हैं, उसके विरुद्ध एक पक्षीय कार्यवाही की जायेगी।
