जबलपुर । श्रद्धालुओं ने पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ लगाई याचिका, न्यायालय के आदेश से जागी न्याय की उम्मीद।
जबलपुर के न्यू शोभापुर तिराहे पर स्थित बाल स्वरूप हनुमान जी मंदिर में हुई चोरी की घटना अब उच्च न्यायालय की चौखट तक पहुंच गई है। यह घटना 20 और 21 जनवरी 2024 की दरम्यानी रात की है, जिसमें मंदिर में रखी दान पेटी, लोहे की ग्रिल और टीन शेड चोरी कर लिया गया। इस मामले की शिकायत 21 जनवरी को क्षेत्रवासियों और मंदिर की देखरेख करने वाले लता कुशवाहा, किरण तिवारी, नारायण यादव, बंटी उर्फ जितेंद्र रजक, आशीष शर्मा, सरिता और एल.एन. रावत द्वारा रांझी थाना में की गई थी।
चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद है, जिसमें चोरों को चोरी किया गया सामान गाड़ी में रखते हुए और व्हीकल फैक्ट्री की ओर जाते हुए सुबह 1:05 बजे के आसपास देखा गया। इसके बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आहत होकर श्रद्धालुओं ने जबलपुर उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विद्याशंकर मिश्रा, नवीन विश्वकर्मा, राघवेन्द्र झा और अनकेश मिश्रा ने पक्ष रखा। 2 जुलाई 2025 को माननीय न्यायालय की डिवीजन बेंच ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस से समस्त जांच दस्तावेज तलब किए हैं।
माननीय न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद अब क्षेत्रवासियों और भजन मंडलियों में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। मंदिर में विराजमान बाल हनुमान जी बिना छत और सुरक्षा के हैं, जो सभी भक्तों के लिए पीड़ादायक स्थिति थी। अब श्रद्धालुओं को विश्वास है कि चोरों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और मंदिर की गरिमा बहाल होगी।
