DB l दुष्कर्म आरोप से गरमाई जबलपुर की राजनीति, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल …
जबलपुर विजयनगर थाना क्षेत्र में सामने आए दुष्कर्म के गंभीर मामले में पीड़िता के अनुसार, इस मामले में आरोपी शुभम श्रीवास्तव है, जिसे शहर के चर्चित खनन कारोबारी विनोद श्रीवास्तव का पुत्र बताया जा रहा है। आरोप सामने आने के बाद मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे यह पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और प्रभावशाली परिवारों के कथित दबाव तक जा पहुँचा है।
शहर में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि विनोद श्रीवास्तव का नाम गांधीग्राम और सिहोरा क्षेत्र में खनन कारोबार से जुड़ा रहा है। वैध और अवैध खनन को लेकर समय-समय पर विवाद भी सामने आते रहे हैं। सूत्रों की मानें तो उनके कथित कारोबार पर प्रशासनिक और जांच एजेंसियों की नजर भी पहले पड़ चुकी है। पूर्व में आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा उनके परिसरों पर कार्रवाई या छापेमारी की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग आधिकारिक जानकारियां सामने आती रही हैं।

इधर, पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के पारिवारिक रसूख और राजनीतिक-आर्थिक प्रभाव के चलते विजयनगर पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने अपेक्षित संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई नहीं की, जिससे उसे मानसिक भय, दबाव और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
मामले के सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों, महिला अधिकार समूहों और जागरूक नागरिकों ने निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि जांच किसी भी राजनीतिक या आर्थिक दबाव से मुक्त होकर होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़िता को न्याय मिल सके। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर शहर के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने साफ शब्दों में कहा—
“पीड़िता को जैसी भी मदद की जरूरत होगी, हम हर स्तर पर उसके साथ खड़े रहेंगे और उसे न्याय दिलवाकर ही रहेंगे।”
दुष्कर्म के गंभीर आरोप ने न सिर्फ शहर को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कानून सबके लिए बराबर है? या फिर रसूखदारों के मामलों में न्याय की रफ्तार थम जाती है?
