भारत में फिलिस्तीन के समर्थन में कई प्रदर्शन हुए हैं , जिनमें कुछ मुस्लिम संगठनों और नागरिक समूहों ने ज़ूडियो (Zudio) और टाटा समूह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य इजराइल के साथ व्यापारिक संबंधों के विरोध में जागरूकता फैलाना और फिलिस्तीन के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करना है।
कर्नल नगर (कमला नगर) में भारतीय पीपल्स सॉलिडैरिटी विद पालेस्टाइन (IPSP) ने ज़ूडियो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “Boycott Zudio” के नारे लगाए और इजराइल के साथ व्यापारिक संबंधों के विरोध में आवाज उठाई। इससे पहले, हैदराबाद में भी इस्लामी संगठनों ने इजराइल के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की थी ।
प्रदर्शनकारियों ने इजराइल से जुड़े उत्पादों और कंपनियों का बहिष्कार करने की अपील की है। “Free Gaza, Free Palestine” जैसे नारे लगाकर फिलिस्तीन के लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया ।कुछ पोस्टरों में इजराइल के उत्पादों को इस्लामिक दृष्टिकोण से निषिद्ध (हराम) बताया गया है, जैसे सूअर का मांस या शराब के समान ।
उत्तर प्रदेश में पुलिस ने कम से कम सात लोगों को गिरफ्तार किया है जो प्रोटेस्ट में शामिल थे। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के पास से फिलिस्तीन के झंडे भी जब्त किए और उन्हें फाड़ दिया। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल के प्रति समर्थन के संदर्भ में हो रही है, जबकि इजराइल-गाजा संघर्ष के दौरान 61,700 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है।
प्रदर्शन भारत के विभिन्न हिस्सों में हुए हैं, जिनमें प्रमुख स्थान शामिल हैं:
• कमला नगर, दिल्ली: IPSP द्वारा ज़ूडियो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन।
• हैदराबाद: इजराइल के उत्पादों के बहिष्कार के लिए मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं द्वारा अपील।
• दिल्ली, मुंबई, पुणे, चंडीगढ़, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पटना: स्टारबक्स और अन्य कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन।
भारत में फिलिस्तीन के समर्थन में हो रहे ये प्रदर्शन एक सामाजिक और राजनीतिक संदेश दे रहे हैं। यह दर्शाता है कि नागरिक समाज और विभिन्न संगठनों के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी आवाज उठाना महत्वपूर्ण है। हालांकि, इन प्रदर्शनों के प्रति प्रशासन की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संदर्भ में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है।
