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DB l बांग्लादेश में शेख हसीना विरोधी आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। गुरुवार देर रात राजधानी ढाका समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए। भीड़ ने देश के दो सबसे बड़े अखबारों डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों में घुसकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। कावरान बाजार स्थित डेली स्टार कार्यालय में आगजनी के दौरान अंदर फंसे करीब 30 पत्रकारों को कई घंटे बाद मुश्किल से बाहर निकाला जा सका।

प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान के आवास में भी तोड़फोड़ की, जबकि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया गया। आग और धुएं के कारण फायर सर्विस भी देर तक मौके पर नहीं पहुंच सकी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर नारे लगाते हुए इमारतों में घुसे और सुनियोजित ढंग से आगजनी की।

शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें 15 दिसंबर को एयरलिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादी जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही ढाका के धानमंडी, शाहबाग समेत कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी।

इसी बीच मैमनसिंह के भालुका इलाके में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या के बाद शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। इस जघन्य घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। अंतरिम सरकार ने घटना की पुष्टि करते हुए कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित कर शांति और संयम की अपील की है तथा एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। हालांकि, देश में तनाव बरकरार है और हालात पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर बनी हुई है।

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