DB l भोपाल मेट्रो ने डबल ट्रैक पर संचालन शुरू होने के बाद ट्रेनों की संख्या में बड़ा इजाफा करते हुए प्रतिदिन फेरे 14 से बढ़ाकर 50 कर दिए हैं। इससे यात्रियों को अब पहले की तुलना में कहीं कम इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद नए यात्रियों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी है।
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अनुसार, डबल ट्रैक संचालन के पहले दिन टिकट बिक्री में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि यह बढ़ोतरी नए यात्रियों के जुड़ने की वजह से नहीं, बल्कि पहले से मेट्रो का उपयोग कर रहे यात्रियों द्वारा अधिक बार सफर करने के कारण हुई। शनिवार को कुल 500 टिकट बिके। 50 ट्रिप संचालित होने के बावजूद प्रति ट्रिप औसतन केवल 10 यात्री ही सफर करते नजर आए।

हाल ही में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से दोनों ट्रैक पर संचालन की मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो की आवृत्ति बढ़ाई गई है। अब पीक ऑवर में हर 15 मिनट और सामान्य समय में हर 30 मिनट पर ट्रेन उपलब्ध है। पहले यात्रियों को ट्रेन के लिए करीब 75 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, जो अब घटकर मात्र 15 मिनट रह गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसी सुविधा के कारण लगभग 70 प्रतिशत यात्रियों ने उसी दिन वापसी के लिए भी मेट्रो का उपयोग किया।
मेट्रो का पहला फेरा सुबह 9 बजे सुभाष नगर स्टेशन से और 9:30 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होता है, जबकि अंतिम ट्रेन क्रमशः शाम 6:30 बजे और 7 बजे रवाना होती है। यात्रियों को आकर्षित करने के लिए मोबाइल ऐप, यूपीआई और क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही रिटर्न टिकट पर 5 प्रतिशत, ग्रुप बुकिंग पर 10 प्रतिशत की छूट और ई-वॉलेट रिचार्ज पर बोनस क्रेडिट जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने से मेट्रो की सवारी नहीं बढ़ेगी। इसके लिए अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी, फीडर सेवाओं का विस्तार और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना भी उतना ही आवश्यक है।
