शहबाज से अलग-अलग मुलाकात के बाद आमने-सामने होगी बातचीत l
DB l पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है। उनका स्वागत पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार ने रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर किया।

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले अलग-अलग पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने वार्ता करेंगे। इस बैठक को हाल ही में घोषित संघर्षविराम को स्थायी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर बातचीत विफल होती है तो ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं, जिनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची भी मौजूद हैं।
वार्ता से पहले दोनों देशों की मांगें टकराव की स्थिति में हैं। ईरान जहां प्रतिबंध हटाने, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और यूरेनियम संवर्धन जारी रखने की बात कर रहा है, वहीं अमेरिका ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर पूर्ण नियंत्रण चाहता है।

तनाव के बीच गालिबाफ ने एक भावुक तस्वीर साझा कर मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी और अमेरिका पर भरोसा न करने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों में अमेरिका ने समझौतों का पालन नहीं किया। कुल मिलाकर, इस्लामाबाद में होने वाली यह वार्ता न केवल क्षेत्रीय शांति बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है, हालांकि दोनों पक्षों के सख्त रुख के चलते स्थायी समाधान अब भी चुनौती बना हुआ है।
