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DB l जबलपुर एयरपोर्ट के विस्तार के बाद भी सीमित उड़ानों पर सवाल, राज्य सरकार से चार सप्ताह में सुझाव मांगा।
जबलपुर। जबलपुर एयरपोर्ट के विस्तार और यहां से हवाई सेवाओं की संख्या बढ़ाने को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सुझाव मांगा है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने सरकार से यह बताने को कहा है कि जबलपुर से अधिक संख्या में फ्लाइट संचालित करने के लिए राज्य स्तर पर क्या कदम उठाए जा सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
जबलपुर निवासी इंजीनियर सुधीर दत्त और विधि छात्र पार्थ श्रीवास्तव की ओर से एयरपोर्ट की सुविधाओं एवं हवाई सेवाओं के विस्तार की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि जबलपुर एयरपोर्ट के विस्तार और उन्नयन पर करीब 480 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। एयरपोर्ट का रनवे 2750 मीटर लंबा है और इसे बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल बताया गया है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध होने के बावजूद जबलपुर से वर्तमान में केवल पांच फ्लाइट संचालित हो रही हैं। पूर्व और पश्चिम दिशा के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को अन्य शहरों के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती है।
कोर्ट के समक्ष इंदौर में करीब 80, भोपाल में 30, रीवा में 20 और ग्वालियर में 15 फ्लाइट संचालित होने की जानकारी भी रखी गई। याचिकाकर्ताओं ने जबलपुर की सीमित हवाई सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए विस्तार की आवश्यकता बताई।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से हवाई संपर्क बढ़ाने और अधिक विमान सेवाओं के संचालन की संभावनाओं पर ठोस सुझाव प्रस्तुत करने को कहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
