अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ ट्रेज़री स्कॉट बेसेंट ने कहा,”मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और चीन ने व्यापार समझौते में महत्वपूर्ण प्रगति कर ली है. इस समझौते की जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दे दी गई है. इसका विवरण कल जारी किया जाएगा.”
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जेमीसन ग्रीर, “पिछले दो दिन बहुत ही रचनात्मक रहे. हम बहुत जल्दी ही सहमति के बिंदु पर पहुंच गए. यह दर्शाता है कि हमारे बीच मतभेद उतने बड़े नहीं थे जितना बड़ा सोचा गया था.”
उन्होंने कहा कि “अमेरिका इस समय 1200 अरब डालर के व्यापार घाटे में है. यही वजह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी.”
समझौते की मुख्य बातें:
टैरिफ में कमी: अमेरिका ने चीन से आयातित सामान पर 145% तक के टैरिफ को घटाकर 30% कर दिया है, जबकि चीन ने अमेरिकी सामान पर 125% के टैरिफ को घटाकर 10% कर दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्यापार घाटा कम करने की दिशा में कदम: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेम्सन ग्रीर ने चीन के साथ $263 बिलियन के व्यापार घाटे को कम करने के लिए इस समझौते को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
व्यापार संबंधों का पुनर्निर्माण: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को अमेरिकी-चीन व्यापार संबंधों के “पूर्ण पुनःस्थापना” की दिशा में एक कदम बताया है।
अमेरिका ने किया चीन के साथ व्यापार समझौते का एलान
हाल ही में अमेरिका और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते का एलान हुआ है, जिससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापार युद्ध में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह समझौता जिनेवा में हुई दो दिवसीय वार्ता के बाद सामने आया है।
समझौते की प्रमुख बातें:
🇺🇸 अमेरिका ने चीन से आयातित वस्तुओं पर लगे 145% तक के टैरिफ को घटाकर 30% कर दिया है।
🇨🇳 चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर लगे 125% के टैरिफ को घटाकर 10% करने पर सहमति जताई है।
दोनों देशों ने व्यापार घाटा कम करने और पारस्परिक आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे व्यापार संबंधों के पुनर्निर्माण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
इसका प्रभाव:
यह समझौता न सिर्फ अमेरिका और चीन के लिए बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी राहत भरा माना जा रहा है। इससे बाज़ारों में स्थिरता आ सकती है और व्यापारिक तनाव कम हो सकता है।
