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DB l जबलपुर। गणेश उत्सव के बीच जबलपुर में विद्युत सुरक्षा में लापरवाही ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। धनवंतरी नगर के जसूजा सिटी फेज-3 में गणेश पंडाल के विद्युत पोल में उतरे करंट की चपेट में आने से 16 वर्षीय कक्षा 11वीं के छात्र शौर्य चुनपुरिया की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है। शौर्य अपनी मां सुनीता और छोटे भाई शोभित के लिए बड़ा सहारा था। उसकी मां नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं।
बताया गया कि बुधवार रात आरती के बाद शौर्य घर लौट रहा था। इसी दौरान वह विद्युत सजावट के लिए लगाए गए पोल के संपर्क में आ गया और करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने पहुंचे दो साथियों को भी करंट लगा, हालांकि उनकी जान बच गई।
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित पोल में करीब दो दिन से करंट आने की शिकायत की जा रही थी। विद्युत सजावट करने वाले ठेकेदार और इलेक्ट्रीशियन को इसकी जानकारी भी दी गई थी, लेकिन समय रहते समस्या दूर नहीं की गई।

जांच में पहले ही सामने आई थीं गंभीर खामियां
22 सितंबर को गोरखपुर क्षेत्र के गणेश पंडालों के निरीक्षण में कटे-फटे तार, कम ऊंचाई पर वायरिंग, असुरक्षित ज्वाइंट, एमसीबी और अर्थिंग की कमी जैसी खामियां मिली थीं। कुछ स्थानों पर विद्युत तारों को धातु के पाइप से बांधा गया था।
शौर्य की मौत के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए संबंधित टेंट संचालकों के खिलाफ गोरखपुर थाने में प्रकरण दर्ज कराया। बिजली कंपनी के अनुसार शहर में करीब 80 टीमों ने पंडालों की जांच की और लगभग 10 स्थानों पर विद्युत अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए।
गुरुवार को मेडिकल अस्पताल में शौर्य का पोस्टमार्टम हुआ। स्कूल के साथी छात्र-छात्राएं और मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी भी पहुंचे। शव बाहर आते ही माहौल गमगीन हो गया और साथ पढ़ने वाले बच्चों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
पंडालों में सुरक्षित वायरिंग, उचित अर्थिंग, एमसीबी और इंसुलेटेड ज्वाइंट जैसी व्यवस्थाएं हादसों को रोकने के लिए बेहद जरूरी हैं।
