
DB l इटली ने शेंगेन व्यवस्था पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध…
स्पेन और मोरक्को के बीच स्थित स्पेनिश क्षेत्र सेउटा में प्रवासी संकट गहराता जा रहा है। स्पेनिश सरकार के अनुसार, इस सीमा संकट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है। मृतकों में कई लोगों की जान समुद्र में डूबने से गई, जबकि कई लोग समुद्री ब्रेकवाटर बैरियर पार करने के दौरान मची भगदड़ का शिकार हुए।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार के बीच करीब 60 हजार प्रवासियों ने समुद्र और जमीनी रास्ते से सेउटा में प्रवेश करने की कोशिश की। हालात पर काबू पाने के लिए स्पेन ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है और समुद्र में मौजूद ब्रेकवाटर के साथ 500 मीटर लंबा नया कंटेनमेंट बैरियर बनाने की घोषणा की है।
स्पेनिश सेना और सुरक्षा बलों ने सीमा पर मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार सुबह समुद्र पार कर ताराजल बीच पहुंचे कई प्रवासियों को सैनिकों ने वापस मोरक्को की ओर भेज दिया। गृह मंत्रालय का कहना है कि सीमा पार करने वाले अधिकांश प्रवासी लौट चुके हैं, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। सेउटा के राष्ट्रपति जुआन जीसस विवास ने कहा कि इस संकट ने शहर की सामान्य व्यवस्था को प्रभावित किया है और स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा।

इस बीच, संकट का असर यूरोप की राजनीति पर भी दिखने लगा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन के साथ शेंगेन व्यवस्था को एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है। इसके तहत स्पेन से आने वाले गैर-यूरोपीय संघ (EU) नागरिकों की अतिरिक्त जांच की जाएगी। हालांकि, यूरोपीय संघ के नागरिकों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
इटली के इस फैसले पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूरोपीय देशों को साझा संधियों और सहयोग की भावना का सम्मान करना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि सेउटा सीमा पर बढ़ता यह संकट अब केवल स्पेन और मोरक्को तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे यूरोप के लिए सीमा सुरक्षा, अवैध प्रवास और मानवीय संकट की बड़ी चुनौती बन चुका है।
