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DB l पाकिस्तान को नहीं मिला न्योता, AI-Impact Summit 2026 में 100+ देशों का महासंगम…
भारत वैश्विक मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा तय करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजधानी AI-Impact Summit 2026 का आयोजन होगा, जिसमें 100 से अधिक देशों की भागीदारी तय है। सम्मेलन का मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम होगा। इस बार खास चर्चा पाकिस्तान को आमंत्रण न दिए जाने को लेकर है। हालांकि भारत सरकार ने इसके पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार देशों का चयन रणनीतिक और नीतिगत मानकों के आधार पर किया गया है। भारत का फोकस उन देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर है जो जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव-केंद्रित AI के साझा दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं।

समिट की थीम तीन प्रमुख स्तंभों—People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति)—पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल तकनीकी प्रदर्शन नहीं, बल्कि नीति निर्माण, निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक मानकों पर ठोस सहयोग स्थापित करना है। स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में AI की भूमिका पर गहन चर्चा होगी।
इस वैश्विक मंच पर 20 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति भारत आ रहे हैं। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम शामिल हैं। इसके अलावा यूएई, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड, नीदरलैंड्स, एस्टोनिया, ग्रीस, कज़ाख़स्तान समेत कई देशों के शीर्ष नेता भाग लेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार 45 से अधिक देशों के मंत्री-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहेंगे। साथ ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। यह समिट वैश्विक AI श्रृंखला की चौथी कड़ी है। इसकी शुरुआत 2023 में ब्रिटेन के ब्लेचली पार्क में AI सेफ्टी समिट से हुई थी, उसके बाद सियोल और पेरिस में आयोजन हुए। अब नई दिल्ली का AI-Impact Summit भारत को AI नीति और वैश्विक सहयोग के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
